भारत की प्रमुख नदियाँ और उनके उद्गम स्थल PDF

भारत की प्रमुख नदियाँ PDF : भारत देश को अगर नदियों का देश कहा जाए तो इसमें कुछ गलत नहीं होगा| इन नदियों का हमारे सभ्यता के विकास में महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है| भारत की नदियाँ इस देश की प्राचीन सभ्यताओं का एक महत्वपूर्ण अंग है| भारत की प्रमुख नदियाँ हमारे देश के लगभग सभी धार्मिक स्थलो को जीवन देने वाली है|

भारत की प्रमुख नदियाँ

भारत में जहा भी नदियों की पूजा की जाती है| ऐसी भी मान्यतायें हैं कि कई नदियों में डुबकी लगाने से पापों से हमें मुक्ति मिल जाती है| हमारे देश में जितनी भी नदियाँ हैं, उनका अपना अलग महत्व है| अधिकांश भारतीय शहर भारत की कुछ प्रमुख नदियों के तट पर स्थित हैं। आज भी देश की सर्वाधिक जनसंख्या एवं कृषि का संकेन्द्रण नदी घाटी क्षेत्रों में पाया जाता है।

भारत की नदियों का देश के आर्थिक एवं सांस्कृतिक विकास में प्राचीनकाल से ही महत्वपूर्ण योगदान रहा है। भारत के लगभग हर राज्य में आपको नदियाँ या तो झील देखने को जरूर मिलेगी| लेकिन भारत के अधिकतर लोगों को केवल हमारे देश की मुख्य नदियों के बारे में ही जानकारी है| भारत की अधिकांश प्रमुख नदियाँ बंगाल की खाड़ी या अरब सागर में जाकर मिलती हैं।

प्राचीन काल में व्यापार एवं यातायात के लिए भारत के अधिकांश नगर नदियों के किनारे ही विकसित हुए थे तथा आज भी देश के लगभग सभी धार्मिक स्थल किसी न किसी नदी के किनारे बसे हुए है।

भारत की प्रमुख नदियाँ

भारत को नदियों का देश कहा जाता हैं| भारत में बहुत सारी नदियाँ हैं जिसमे सिंधु, गंगा, यमुना, गोमती, घाघरा, चम्बल, गोदावरी, ब्रह्मपुत्र, सोन आदि भारत की प्रमुख नदियाँ है। प्रदेश के विभिन्न भागों में प्रवाहित होने वाली इन सभी नदियों के उदगम स्थान भी अलग-अलग है, अतः इनके उदगम स्थलों के आधार पर इन्हें निम्नलिखित भागों में विभाजित किया जा सकता है-

  1. हिमालय से निकलने वाली नदियाँ
  2. दक्षिण से निकलने वाली नदियाँ
  3. गंगा के मैदानी भाग से निकलने वाली नदियाँ

1. हिमालय से निकलने वाली नदियाँ- सिंधु, गंगा, ब्रह्मपुत्,र काली, शारदा, गण्डक और मेघना आदि हिमालय से निकलने वाली नदियाँ है। हिमालय से निकलने वाली नदियाँ बर्फ और ग्लेशियरों के पिघलने से बनी हैं अत: इनमें पूरे वर्ष के दौरान प्रवाह बना रहता है। मानसून माह के दौरान इसके आयतन में उतार चढ़ाव होता है।

2. दक्षिण से निकलने वाली नदियाँ- चम्बल, बेतवा, केन, सोन, रिहन्द, कन्हार आदि दक्षिण से निकलने वाली नदियाँ हैं। ये नदियाँ दक्षिण के पठारी भाग से निकलती हैं और गंगा या यमुना में मिल जाती हैं।

3. गंगा के मैदानी भाग से निकलने वाली नदियाँ- गोमती, वरुणा, रिहन्द, पाण्डो, ईसन जैसी अन्य गंगा के मैदानी भाग से निकलने वाली नदियाँ हैं| इन नदियों के उदगम स्थल झीलें व अन्य दलदली क्षेत्र हैं। भारत में कई प्रकार की तटवर्ती नदियाँ हैं जो अपेक्षाकृत छोटी हैं। ऐसी नदियों में काफी कम नदियाँ-पूर्वी तट के डेल्टा के निकट समुद्र में मिलती हैं| जबकि पश्चिम तट पर ऐसी 600 नदियाँ है। राजस्थान में कई ऐसी नदियाँ है जो समुद्र में न मिलकर खारे झीलों में मिल जाती है या रेत में समाप्त हो जाती है। इसके अतिरिक्त कुछ मरुस्थल की नदियाँ होती हैं जो कुछ दूरी तक बहती हैं और मरुस्थल में लुप्त हो जाती हैं।

भारत के प्रमुख नदियों के उद्गम स्थल

क्रमांकनदीउद्गम स्थल
1गंगागंगोत्री के पास गोमुख हिमानी
2यमुनाहिमालय में स्थित यमुनोत्री
3सतलुजमानसरोवर झील के निकट राक्षस ताल
4क्षिप्राधार
5नर्मदाअमरकंटक
6गोदावरीत्रयंबकेश्वर
7कावेरीतालाकावेरी
8कृष्णामहाबलेश्वर
9ब्रह्मपुत्रतिब्बत, कैलाश पर्वत
10महानदीधमतरी
11अलकनंदागंगोत्री हिमनद
12भागीरथीगंगोत्री हिमनद
13सरयूहिमालय
14झेलमशेषनाग झील
15चंबलजानापाव पर्वत
16बेतवाहोशंगाबाद
17सिंधविदिशा
18सोनअमरकंटक
19जुवारीपश्चिमी घाट
20घाघरामापचाचुंगो हिमनद
21कोसीमाउंट एवरेस्ट के उत्तर में
22शारदामिलाम हिमनद
23सिन्धुतिब्बती क्षेत्र में कैलाश पर्वत श्रेणी में बोखर चू के निकट एक हिमनद
24रावीहिमाचल प्रदेश की कुल्लू पहाड़ियों में स्थित रोहतांग दर्रे
25व्यासव्यास कुंड
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