Compound Interest Formula (चक्रवृद्धि ब्याज), Tricks in Hindi

Compound Interest Formula PDF Download : आज हम चक्रवृद्धि ब्याज से सम्बन्धित कुछ Questions और Compound interest के सूत्र तथा PDF मे लेकर आए है, जिसकी मदद से आप Math Subjects से पूछे जाने वाले Questions को आसानी से हल कर सकते हैं|

Compound Interest Formula PDF Download
Compound Interest Formula

चक्रवृद्धि ब्याज Compound Interest

कभी-कभी उधार दिए गये पैसे या धन को चुकाने के लिए एक निश्चित समय या अवधि तय कर ली जाती हैं| यह समय अधिकतर तिमाही, छमाही अथवा वार्षिक होती हैं|

इस अवधि की अंत या समाप्ति के बाद ब्याज को मूलधन में जोड़ने पर बना मिश्रधन, अगली अवधि के लिए मूलधन बन जाता हैं| हर अवधि के लिए यही प्रकिया दोहराई जाती हैं|

मूलधन और चक्रवृद्धि ब्याज को मिलाने के बाद जो राशि या धन प्राप्ति होती हैं, उसे मिश्रधन कहते हैं| इस मिश्रधन को ही चक्रवृद्धि मिश्रधन कहते हैं|

जब समय-समय पर अभी तक संग्रह या संचित किये गये ब्याज को मूलधन में मिलाकर इस मिश्रधन पर ब्याज की गणना की जाती है तो इस ब्याज को चक्रवृद्धि ब्याज कहते हैं।

Compound Interest Terminology  चक्रवृद्धि ब्याज शब्दावली

  • मूलधन (P) : मूलधन को मुख्य राशि भी कहा जाता हैं| मूलधन और मुख्य राशि को अंग्रेजी (English) में क्रमशः Principal और Principal Amount कहते हैं| मूलधन को अंग्रेजी वर्णमाला (English Alphabet) P से प्रदर्शित करते हैं|
  • चक्रवृद्धि ब्याज (CI) : मिश्रधन पर किये गए ब्याज की गणना को चक्रवृद्धि ब्याज कहते हैं। चक्रवृद्धि ब्याज को अंग्रेजी (English) में Compound Interest कहते हैं| इसे अंग्रेजी वर्णमाला (English Alphabet) CI से प्रदर्शित करते हैं|
  • मिश्रधन (A) : मूलधन और चक्रवृद्धि ब्याज के योग को मिश्रधन कहते हैं| मिश्रधन को अंग्रेजी (English) में Amount कहते हैं| इसे अंग्रेजी वर्णमाला (English Alphabet) A से प्रदर्शित करते हैं|
  • चक्रवृद्धि अवधि (CP) : जिस अवधि के बाद ब्याज की गणना करके उसे मूलधन में जोड़ा जाता है, उसे चक्रवृद्धि अवधि (Compounding Period) कहते हैं।
  • ब्याज दर (R): किसी राशि या धन पर प्रत्येक अवधि (Period) में जिस दर से ब्याज लिया अथवा दिया जाता है उसे ब्याज दर या ब्याज की दर ( Interest Rate, या Rate of Interest) कहते हैं।

Compound Interest Formula चक्रवृद्धि ब्याज के सूत्र

  • चक्रवृद्धि ब्याज = मिश्रधन – मूलधन
  • मिश्रधन = मूलधन + चक्रवृद्धि ब्याज
  • मूलधन = मिश्रधन – ब्याज

Compound Amount Formula in Hindi

ऊपर दिए गये सूत्र में चक्रवृद्ध ब्याज को CI, मिश्रधन को A, मूलधन को P, दर को R तथा समय को T या n से लिखते हैं| चक्रवृद्ध ब्याज में प्रायः ब्याज की दर तिमाही, छमाही अथवा सालाना होती हैं|

माना जब मूलधन = P Rs. (रुपये), मिश्रधन = A Rs, दर = R % तथा समय = T वर्ष हैं |

(i) जब ब्याज दर सालाना अथवा वार्षिक दिया हो तो चक्रवृद्ध ब्याज निकालने के लिए सूत्र नंबर (2) में दर R = R % तथा समय T = T वर्ष ही रखेंगे|

(ii) जब ब्याज दर छमाही दिया हो तो चक्रवृद्ध ब्याज निकालने के लिए सूत्र नंबर (2) में दर R = (R/2) % तथा समय T =  2T रखेंगे|

(iii) जब ब्याज दर तिमाही दिया हो तो चक्रवृद्ध ब्याज निकालने के लिए सूत्र नंबर (2) में दर R = (R/4) % तथा समय T =  4T रखेंगे|

चक्रवृद्धि मिश्रधन के लिए सूत्र Compound Amount Formula

compound-amount-formula-in-hindiCompound Interest Examples

Compound Interest Questions : अब हम आपको यहाँ पर चक्रवृद्धि ब्याज से सम्बंधित कुछ उदाहरण या प्रश्न हल सहित दे रहे हैं, जिससे आपको चक्रवृद्धि ब्याज और अच्छे से समझ अ जायेगा|

प्रश्न 1. 1000 रुपये का 10% वार्षिक दर से 2 वर्ष का चक्रवृद्धि ब्याज ज्ञात करो?
हल : दिया हैं, मूलधन P = 1000 रूपये, दर R = 10% तथा समय T = 2 वर्ष|

इसे हम दो तरीके से हल कर सकते हैं| पहले तरीका यह हैं की हम सबसे पहले मिश्रधन निकाल कर उसमे से मूलधन को घटा दे तो हमारा चक्रवृद्धि ब्याज ज्ञात हो जायेगा|

दूसरा तरीका यह हैं की इन सभी मानो को चक्रवृद्धि ब्याज के सूत्र नंबर (2) में रख कर चक्रवृद्धि ब्याज ज्ञात कर ले|
पहला तरीका (First Method):
चक्रवृद्धि मिश्रधन A = मूलधन P x (1 + दर R/100)T

मिश्रधन = 1000 x (1 + 10/100)2
मिश्रधन = 1000 x {(100 + 10)/100}2
मिश्रधन = 1000 x (110/100)2
मिश्रधन = 1000 x (11/10)2
मिश्रधन = 1000 x (121/100)
मिश्रधन = 10 x 121 = 1210 रूपये
चक्रवृद्धि ब्याज = मिश्रधन – मूलधन
चक्रवृद्धि ब्याज = 1210 – 1000 = 210 रूपये

दूसरा तरीका (Second Method):
मूलधन, दर और समय का मान चक्रवृद्धि ब्याज के सूत्र नंबर (2) में रखने पर-
चक्रवृद्धि ब्याज = 1000(1+10/100)2 – 1000
चक्रवृद्धि ब्याज = 1000{(100+10)/100}2 – 1000
चक्रवृद्धि ब्याज = 1000(110/100)2 – 1000
चक्रवृद्धि ब्याज = 1000(11/10)2 – 1000
चक्रवृद्धि ब्याज = 1000(121/100) – 1000
चक्रवृद्धि ब्याज = 1210 – 1000
चक्रवृद्धि ब्याज = 210 रूपये

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