Union Budget in Hindi आम बजट क्या हैं? Union Budget 2019

Union Budget in Hindi : भारत के संविधान में ‘बजट’ शब्द का उल्लेख नहीं है| इसे बोलचाल की भाषा में आम बजट कहा जाता है| आम बजट या Union Budget को भारत के संविधान (Constitution of India) के आर्टिकल 112 (Article 112) में वार्षिक वित्तीय विवरण (Annual Financial Statement) कहा गया है। वार्षिक वित्तीय विवरण अनुमानित खर्चों या व्यय और प्राप्तियों का उस साल के लिए सरकार का विस्तृत लेखा-जोखा अथवा ब्योरा होता है। 

Union Budget in Hindi
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आम बजट क्या हैं? (What is Union Budget?)

Union Budget Kya Hai : भारत का केंद्रीय बजट (Union Budget ), जिसे भारत के संविधान के अनुच्छेद 112 में वार्षिक वित्तीय विवरण (Annual Financial Statement ) कहा गया है, भारत गणराज्य का वार्षिक बजट है।

भारत के संविधान में बजट का जिक्र नही किया हैं| संविधान में बजट को वार्षिक वित्तीय विवरण (Annual Financial Statement) के नाम से उल्लेख किया गया हैं| इसका उल्लेख आर्टिकल 112 में किया गया हैं|

Union Budget in Hindi

आम बजट के द्वारा आने वाले साल के लिए सरकार की आर्थिक नीतियों की दिशा दिखाई जाती है। Union Budget में सभी मंत्रालयों को उनके खर्चों के लिए पैसे का आवंटन होता है। Aam Budget में आने वाले साल के लिए कर (Tax) प्रस्तावों का ब्योरा भी प्रस्तुत किया जाता है।

आम बजट में क्या शामिल होता है?

बजट कार्य सूची में लगभग बजट भाषण के अलावा लगभग 16 दस्तावेज होते हैं| इसके अतिरिक्त हर एक मंत्रालयों को खर्च के लिए दिए जाने वाले पैसो का विस्तृत ब्योरा भी होता हैं| खर्च के लिए सभी मंत्रालय को दिए जाने वाला पैसा कहा से आयेगा, इसका प्रस्ताव भी इस बजट में होता हैं|

केंद्र सरकार का आम बजट या वार्षिक बजट भारत के वित्त मंत्री (Finance Minister) द्वारा पेश किया जाता हैं| वित्त मंत्री (Finance Minister) के बजट भाषण में के दो भाग होते हैं। भाग क और और भाग ख।

भाग क में हर क्षेत्र (Sector) को आवंटित होने वाले पैसो का मुख्य तौर पर जिक्र होता है। इसके लिए सरकार की नई योजनाओं का ऐलान भी होता है।

इस तरह सरकार के अगले एक साल का कार्य प्रणाली और होने वाले विकाश कार्य का पता चलता हैं| भाग ख में सरकार के खर्च के लिए पैसा जुटाने के लिए कर (Tax) के प्रस्ताव होते हैं।

इस बजट कार्य सूची में दो बिल भी सामिल होते हैं| पहला फाइनेंसियल बिल (Financial Bill) और एप्रोप्रिएशन बिल (Appropriation Bill).

फाइनेंसियल बिल में अलग-अलग कर (Tax) नियमो या कानूनों में प्रस्तावित संशोधन होते हैं। जबकि एप्रोप्रिएशन बिल में सभी मंत्रालयों को आवंटित किये जाने वालों पैसो का लेखा-जोखा होता है।

संसद में बजट पेश किए जाने के बाद क्या होता है?

Union Budget in Hindi : भारत के वित्त मंत्री द्वारा केन्द्रीय आम बजट पेश करने की शुरुआत, इनके बजट भाषण से होती हैं| बजट भाषण के समाप्त होने के बाद आम बजट के उपायों पर एक चर्चा होती हैं|

इस चर्चा में बजट के प्रस्तावों और नीतियों पर संसद के सांसदो द्वारा चर्चा होती हैं| इस बहस या चर्चा के बाद संसद लगभग 21 दिनों या 3 हफ्तों के लिए छुट्टी पर चली जाती हैं|

संसद के छुट्टी के दौरान सभी विभागों की स्थायी समितियां मंत्रालयों के अनुमानित व्यय अथवा खर्चों का विस्तार पूर्वक अध्ययन करती हैं, इसे अनुदान मांग (Demands for Grants) कहा जाता है।

विभागों की स्थायी समितियां इसके बाद हर एक मंत्रालय की अनुदान मांग (Demands for Grants) पर अपनी रिपोर्ट जमा करती हैं। समितियों के रिपोर्ट (Report) जमा कर देने के बाद, सभी मंत्रालयों की अनुदान मांगों पर लोकसभा में चर्चा और फिर वोटिंग होती है।

बजट पास होने की अंतिम तारीख (Date) तक जिन मांग (Demands) पर वोटिंग नहीं हो पाती है उन सभी मांगों पर एक साथ वोटिंग हो जाती है। अनुदान मांगों (Demands for Grants) को एप्रोप्रिएशन बिल (Appropriation Bill) में समलित किया जाता है।

एप्रोप्रिएशन बिल (Appropriation Bill) को संसद से पास किया जाना जरूरी है, तभी सरकार द्वारा पारित व्ययों अथवा खर्चों के लिए कंसॉलिडेटेड फंड (Consolidated Fund) से सभी मंत्ररालयों के द्वारा पैसो को निकलना मुमकिन हो सकता है।

अंतिम में फाइनेंस बिल (Finance Bill) पर वोटिंग (Voting) होती है। फाइनेंस बिल (Finance Bill) के पास होने के साथ बजटीय प्रक्रिया समाप्त हो जाती है।

लोकसभा पर बजट के वित्तीय प्रावधानों की ज्यादा भूमिका अहम होती है और यहां मंत्रालयों की मांगों पर चर्चा होती है। राज्यसभा में मंत्रालयों के कामकाज जैसे की मंत्रालयों के कामों, उनकी उपलब्धियों, भविष्य के रोडमैप और खामियों पर चर्चा होती है।

आम बजट 2019 (Union Budget 2019)

Union Budget 2019 : भारत की पहली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना पहला बजट 2019 – 2020, 5 जुलाई 2019 को पेश किया| निर्मला सीतारमण ने अपना पहला बजट भाषण की शुरुआत चाणक्यनीति से किया| इसके साथ ही उन्होंने उर्दू शेर पढ़े और तमिल कविता का प्रयोग भी किया

निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘चाणक्य नीति कहती है- कार्य पुरुषा करे, ना लक्ष्यम संपा दयाते’ यानी इच्छाशक्ति के साथ किए प्रयासों से लक्ष्य जरूर हासिल कर लिया जाता है| इसके साथ ही उन्होंने उर्दू शेर पढ़े और तमिल कविता का प्रयोग भी किया|

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